श्री हिंदू उत्सव समिति के तत्वावधान में भक्ति, श्रद्धा और उल्लास से निकला चल समारोह…

राधा-कृष्ण के नौका विहार से आलोकित हुई शीतलदास की बगिया, आतिशबाजी ने बांधा समां; श्रद्धालुओं को वितरित हुआ खीर प्रसाद…
भोपाल, विशेष संवाददाता प्रशांत झिलपे – शरद पूर्णिमा के पावन पर्व पर श्री हिंदू उत्सव समिति रजि. 63 भोपाल के तत्वावधान में भक्ति, श्रद्धा और उल्लास से परिपूर्ण भव्य चल समारोह निकाला गया। भगवान श्री राधा-कृष्ण की आराधना, संतों के सान्निध्य और सनातन परंपराओं की दिव्य छटा से सुसज्जित इस धार्मिक आयोजन ने राजधानी के वातावरण को भक्तिमय बना दिया। साधु संतों की अगुवाई में निकले चल समारोह में श्रद्धालुओं की सहभागिता और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला।
समिति अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने बताया कि शरद पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित चल समारोह शाम 6:30 बजे घोड़ा निक्कास स्थित राधा-कृष्ण मंदिर से विधिवत प्रारंभ हुआ। भगवान श्री राधा-कृष्ण के जयघोष और भक्तिमय वातावरण के बीच चल समारोह भवानी चौक सोमवारा होते हुए शीतलदास की बगिया पहुंचा। मार्ग में आकर्षक झांकी, सुसज्जित बग्घी, ढोल और दो बैंड की मनोहारी प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। नगर के विभिन्न मार्गों पर श्रद्धालुओं ने धर्म और आस्था के इस उत्सव का उत्साहपूर्वक स्वागत किया।
शीतलदास की बगिया पहुंचने पर आयोजन की भव्यता और अधिक निखर उठी। आतिशबाजी की रंगीन छटा के बीच भगवान श्री राधा-कृष्ण का दिव्य नौका विहार हुआ। शरद पूर्णिमा की पावन बेला में राधा-कृष्ण की मनोहारी छवि और नौका विहार के दर्शन से श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। भक्ति, संगीत और आध्यात्मिक उल्लास से परिपूर्ण इस दृश्य ने उपस्थित जनसमूह को अलौकिक अनुभूति प्रदान की। आयोजन के समापन पर श्रद्धालुओं को शरद पूर्णिमा का पारंपरिक खीर प्रसाद वितरित किया गया।
चल समारोह में भोपाल की महापौर श्रीमती मालती राय, महंत अनिलानंद जी महाराज, भाजपा नेता चेतन भार्गव, समिति अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी सहित विभिन्न वार्डों के पार्षद उपस्थित रहे। समिति के पूर्व अध्यक्ष नारायण सिंह कुशवाहा, कैलाश बैगवानी, ईश दयाल शर्मा, महामंत्री बालिस्ता रावत, शरण खटीक, संयोजक अशोक विश्वकर्मा, ऋषभ विश्वकर्मा सहित बड़ी संख्या में समिति के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और श्रद्धालु आयोजन में सहभागी बने।
शरद पूर्णिमा का यह भव्य आयोजन भगवान श्री राधा-कृष्ण के प्रति अटूट श्रद्धा, सनातन संस्कृति की समृद्ध परंपरा और सामाजिक समरसता का अनुपम प्रतीक बना। श्री हिंदू उत्सव समिति के आयोजन ने एक बार फिर राजधानी में धार्मिक उत्सवों की गौरवशाली परंपरा को जीवंत करते हुए श्रद्धालुओं के मन में भक्ति और आध्यात्मिक आनंद का संचार किया।



